सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वाली एजेंसियों के अजब – गजब कारनामे; कहीं पॉल छोड़कर छत पर लगी लाइट, कहीं नीची रही हाइट

औरंगाबाद: ओबरा प्रखंड मुख्यालय समेत विभिन्न क्षेत्रों के हर पंचायतों मे सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। पंचायतों में जरूरत के हिसाब से लाइट लगाना है। ताकि, आम लोगों को रात के अंधियारे में लाइट की सुविधा मिल सके। लेकिन, क्या यथार्थ के धरातल पर ऐसा हो रहा है ? यह योजना पंचायत स्तर का है। लेकिन, पंचायत मुखिया एवं वार्ड की अनदेखी कर बगैर सहमति से एजेंसियों द्वारा इधर – उधर लाइट लगाया जा रहा है। नतीजा .. कभी लाइट रहती है तो कभी नही रहती।

ओबरा प्रखंड के भरूब पंचायत स्थित गोड़तारा तथा पोखठा मे लगी स्ट्रीट लाइट की रौशनी रात में गायब हो जाती है। जिसके कारण लोगों को खासा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उक्त सम्बन्ध में स्थानीय निवासी सिद्धेश्वर सिंह द्वारा बताया गया कि इस स्ट्रीट लाइट का कोई भरोसा नहीं है। लाइट कभी – कभी जलती तो है मगर रात मे अक्सर बंद ही रहती है और हमे इस लाइट के होते हुए रात के समय अंधियारों का ही सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि एजेंसियां जैसे – तैसे स्ट्रीट लाइट लगाकर बस खानापूर्ति कर रही है। जो इसके संचालक हैं, वे जैसे – तैसे लाइट लगाकर चले जा रहे हैं। वहीं भरूब पंचायत के मुखिया नागेंद्र पांडेय उर्फ नन्हकू पाण्डेय के अनुसार पोखठा गांव मे लगी स्ट्रीट लाइट को पॉल पर न लगाकर शिव मंदिर के छत पर हैं लगा दिया गया है। जब की वहां पर पॉल पहले से मौजूद है। उसी तरह कुछ अन्य लगी लाइटों को बेहद कम ऊंचाई पर लगाया गया है। जिसके कारण रौशनी का बिखराव नहीं हो पाता।

स्थानीय ग्रामीण राजु कुमार पाण्डेय, प्रेम कुमार, सत्येंद्र कुमार, नवलेश कुमार समेत कई अन्य लोगों का भी आरोप है कि एजेंसियों द्वारा लाइट लगाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। वहीं उक्त संबंध में बीपीआरओ विकास कुमार से पूछे जाने पर बताया गया कि यह लाइट 15 वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायत स्तर से लगाई जा रही है। उन्हें भी लाइट बाधित रहने की शिकायत मिली है। जिसके बाद उन्होंने संबंधित एजेंसियों को इसकी सूचना दे दी है। शीघ्र हीं समस्या का समाधान किया जाएगा।

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